विशिष्ट आयोजन

वर्तमान सन्दर्भो में समिति, हिन्दी के प्रसार के साथ साथ सभी भारतीय भाषाओ के बीच सम्वाद प्रक्रिया आरम्भ कर भाषायी समन्वयन तथा सूचना तकनीक के क्षेत्र में हिन्दी के प्रयोग को बढावा देने की दिशा में काम कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु समिति ने  कई कार्यशालाए आयोजित की है।

कॉपी राइट एक्ट पर कार्यक्रम

 

 

कॉपी राइट के विषय में जनता को सूचना पहुँचाने के उद्देद्गय से केन्द्र ने दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया। इसका उद्‌घाटन भारतीय विधि आयोग के सदस्य, वरिष्ठ विधिवेत्ता श्री एन.एम. घटाटे ने किया। इस अवसर पर बोलते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुमित बोस ने कहा कि कॉपी राइट के नियमों को डिजिटल क्रांति की चुनौती का सामना करने के लिए नया स्वरूप दिया जा रहा है। परम्परागत ज्ञान, लोक संगीत एवं कलाओं के व्यावसायिक इस्तेमाल पर एक्ट के नियमों की व्याखया करते हुए आपने कहा कि वर्तमान में कॉपी राइट एक्ट सिर्फ व्यक्तिगत लेखक या रचनाकार को उसकी कृति के लिए संरक्षण का अधिकार देता है। लोक प्रवर्तित या समाज द्वारा विकसित कृति या रचना को नहीं। सेमिनार को उद्योग मंत्रालय के उपसचिव टी.सी. जेम्स व विधि आयोग के सदस्य डॉ. टी.के. विद्गवनाथ, श्री विनय झैलावत और डॉ. सचिन चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया।

श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार-प्रसार हेतु कार्यरत देश की प्राचीनतम और शीर्षस्थ संस्थाओं में से एक है। सारे देश में राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार-प्रसार कर देशवासियों में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के उद्वेश्य से समिति की स्थापना 29 जुलाई 1910 को इन्दौर में हुई थी।

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