श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार-प्रसार हेतु कार्यरत देश की प्राचीनतम और शीर्षस्थ संस्थाओं में से एक है। सारे देश में राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार-प्रसार कर देशवासियों में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के उद्वेश्य से समिति की स्थापना 29 जुलाई 1910 को इन्दौर में हुई थी।

श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति
११, रवीन्द्रनाथ टैगोर मार्ग
इन्दौर - ४५२००१
(म. प्र.) 

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फैक्स :०७३१ – २५२९५११

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विशिष्ट आयोजन

वर्तमान सन्दर्भो में समिति, हिन्दी के प्रसार के साथ साथ सभी भारतीय भाषाओ के बीच सम्वाद प्रक्रिया आरम्भ कर भाषायी समन्वयन तथा सूचना तकनीक के क्षेत्र में हिन्दी के प्रयोग को बढावा देने की दिशा में काम कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु समिति ने  कई कार्यशालाए आयोजित की है।

हिन्दी विद्यापीठ की स्थापना सन्‌ १९४० में

 

 

सन्‌ १९२६ में समिति ने हिन्दी विद्यापीठ की स्थापना की। इस विद्यापीठ के माध्यम से समिति ने कई वर्षों तक हिन्दी शिक्षण एवं प्रशिक्षण का कार्य किया. विद्यापीठ से निकले कई विद्यार्थियों ने हिन्दी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धिया हासिल की. समिति में इस विद्यापीठ की स्थापना का श्रेय पं.श्रीनिवास चतुर्वेदी को जाता है। वे ही इस विद्यापीठ के पहले अधिष्ठाता बने । उनके अलावा पण्डित कमलाद्गांकर मिश्र और वीणा के सम्पादक पं.कालिकाप्रसाद दीक्षित कुसमाकर ने भी विद्यापीठ की स्थापना और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सन्‌ १९४८ में इसका नामकरण समिति के प्रेरणा पुरुष गांधीजी के नाम पर किया गया।

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SUNDAY SERVICES

Every Sunday from 6:00pm to 8:00pm


CHILDREN'S SERVICES
Every Wednesday from 
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