विशिष्ट आयोजन

वर्तमान सन्दर्भो में समिति, हिन्दी के प्रसार के साथ साथ सभी भारतीय भाषाओ के बीच सम्वाद प्रक्रिया आरम्भ कर भाषायी समन्वयन तथा सूचना तकनीक के क्षेत्र में हिन्दी के प्रयोग को बढावा देने की दिशा में काम कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु समिति ने  कई कार्यशालाए आयोजित की है।

जैव विविधता पर कार्यक्रम

 

 

जैव तकनीकी नीति पर सेमिनार म.प्र. में जैव विविधता एवं जैव तकनीकी के विकास हेतु ठोस नीति बनाए जाने की आवद्गयकता है।अर्थद्गाास्त्री तथा जैव तकनीकी से संबंधित संयुक्त राष्ट्रसंघ की पत्रिका बायोटेक्नॉलॉजी रिव्यू के सम्पादक डॉ.सचिन चतुर्वेदी ने केन्द्र में म. प्र. में जैव विविधता तथा जैव तकनीकी नीति चुनौतियां और संभावनाए विच्चय पर आयोजित सप्ताहांत संगोच्च्ठी में विचार व्यक्त किए।गुजराती विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य एवं पर्यावरणविद्‌ डॉ.ओ.पी.जोशी ने कहा कि जैव विविधता के पारम्परिक ज्ञान को महत्व देना चाहिए तथा उसके लिए प्रत्येक विज्ञान महाविद्यालय को स्थानीय जैव विविधता के अनुसंधान संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी देना चाहिए।

HOURS

SUNDAY SERVICES

Every Sunday from 6:00pm to 8:00pm


CHILDREN'S SERVICES
Every Wednesday from 
3:00pm to 4:00pm

श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार-प्रसार हेतु कार्यरत देश की प्राचीनतम और शीर्षस्थ संस्थाओं में से एक है। सारे देश में राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार-प्रसार कर देशवासियों में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के उद्वेश्य से समिति की स्थापना 29 जुलाई 1910 को इन्दौर में हुई थी।

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