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हिन्दी विद्यापीठ की स्थापना सन्‌ १९४० में Back

सन्‌ १९२६ में समिति ने हिन्दी विद्यापीठ की स्थापना की। इस विद्यापीठ के माध्यम से समिति ने कई वर्षों तक हिन्दी शिक्षण एवं प्रशिक्षण का कार्य किया. विद्यापीठ से निकले कई विद्यार्थियों ने हिन्दी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धिया हासिल की. समिति में इस विद्यापीठ की स्थापना का श्रेय पं.श्रीनिवास चतुर्वेदी को जाता है। वे ही इस विद्यापीठ के पहले अधिष्ठाता बने । उनके अलावा पण्डित कमलाद्गांकर मिश्र और वीणा के सम्पादक पं.कालिकाप्रसाद दीक्षित कुसमाकर ने भी विद्यापीठ की स्थापना और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सन्‌ १९४८ में इसका नामकरण समिति के प्रेरणा पुरुष गांधीजी के नाम पर किया गया।

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